मंगलवार, 24 नवंबर 2020

किसानों को मिलें सब्जियों के सही दाम, सरकार सब्जियों के दाम नियंत्रित करने हेतु जल्द लायेगी समर्थन आधार मूल्य और खुदरा तथा थोक दामों में कम से कम करेगी अंतर

मध्यप्रदेश में बाजार में  भिंडी के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि और 40 रू प्रति किलो बेचे जाने तथा किसानों से एक रू प्रति किलो भिंडी खरीदे जाने तथा परेशान किसानों ने लागत न निकल पाने की वजह से , भिंडी की फसल को ट्रेक्टर और कल्टीवेटर चला कर रौंदने और  खेत खलाने के मामले के तूल पकड़ने पर म प्र सरकार एक्शन में आ गयी है और अब मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमारा किसान दिन-रात पसीना बहाकर उत्पादन करता है परन्तु अधिक मुनाफा बिचौलिए ले जाते हैं। ऐसी बाजार व्यवस्था विकसित करें, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले। सब्जियों के थोक व खुदरा मूल्य में अधिक अंतर नहीं होना चाहिए। सब्जियों के समर्थन मूल्य निर्धारित किए जाने के संबंध में रिपोर्ट तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में सब्जियों के दाम के संबंध में उद्यानिकी विभाग की उच्च स्तरीय बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव उद्यानिकी और अन्य संबधित अधिकारी उपस्थित थे।

समर्थन मूल्य निर्धारित करने संबंधी योजना पर विचार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को उनकी सब्जियों आदि उपज का समुचित मूल्य दिलवाना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर सब्जियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए जाने संबंधी रिपोर्ट तैयार कर उनके समक्ष 2 दिन में प्रस्तुत की जाए।

केरल में है समर्थन मूल्य व्यवस्था और बाजार में नियंत्रित बिक्री मूल्य व्यवस्था

बैठक में बताया गया कि केरल आदि राज्यों में सब्जियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए जाने की व्यवस्था है। केरल में इसके लिए किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। इससे कम दाम पर किसानों से सब्जी नहीं खरीद सकते कोई भी , अगर समर्थन मूल्य से कम दाम होते हैं तो उस किसान की सारी फसल / सब्जी को खुदखुद केरल सरकार खरीद लेती है । और किसान को नुकसान नहीं होता इसी के साथ केरल सरकार ने हर सब्जी के दाम भी तय कर रखे हैं , उससे अधिक मूल्य पर कोई साग या  सब्जी नहीं बेच सकता  

औचक निरीक्षण करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि पशुपालन व संबंधित विभागों के अधिकारी सब्जी मंडियों आदि का औचक निरीक्षण कर देखें कि किसानों से सब्जी किस मूल्य पर खरीदी जा रही है और उपभोक्ता को किस मूल्य पर मिल रही है। थोक व खुदरा मूल्य में अधिक अंतर नहीं होना चाहिए।

राज्यों में कहीं भी परिवहन बंद नहीं है

मुख्य सचिव श्री बैंस ने कहा कि प्रदेश में सब्जियों आदि के परिवहन पर कहीं भी किसी प्रकार की रोक नहीं है। किसान आसानी से किसी भी मंडी अथवा स्थान पर अपनी फसलें लाना-ले जाना कर सकते हैं।

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