बुधवार, 16 दिसंबर 2020

9 माह बाद प्रारंभ हुई पहली जनसुनवाई बनी सेवानिवृत्त शिक्षक के लिए वरदान

 कोविड-19 के कारण लगभग पिछले 9 माह से बंद चल रही जनसुनवाई आज से जिलाधीश कार्यालय में प्रारंभ की गई। कोविड-19 के बाद प्रारंभ की गई पहली ही जनसुनवाई में एक सेवानिवृत्त शिक्षक के लिए वरदान साबित हुई। 

   जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 के बाद आज पहली बार कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशानुसार सभी विभागों में जनसुनवाई प्रारंभ की गई। पहली जनसुनवाई में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पागनवीसी से सेवानिवृत्त शिक्षक श्री विनोद कुमार पाराशर ने कलेक्टर श्री सिंह के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत किया।
   श्री पाराशर ने कलेक्टर श्री सिंह को बताया कि वह दिनांक 31 जुलाई 2019 को सेवानिवृत्त हुए थे, उन्हें तृतीय क्रमोन्नति प्रदाय करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन अभी तक फिक्सेशन ना होने से रिवाइज पीपीओ व ग्रेच्युटी, अवकाश आदि का भुगतान नहीं किया गया है। जिस पर कलेक्टर श्री सिंह ने त्वरित संज्ञान में लेते हुए शासन नियम अनुसार निर्धारित समय अवधि में कार्यवाही संपादित नहीं करने के कारण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पागनवीसी के प्राचार्य श्री संजय निगम एवं सहायक ग्रेड 2 श्री देवेंद्र शर्मा तथा प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी मुरार श्रीमती मंजू सिंह के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया तथा संबंधित श्री पाराशर का रिवाइज्ड पीपीओ के लिए प्रकरण जिला कोषालय ग्वालियर में प्रेषित कर दिया है तथा संबंधित को तत्काल भुगतान करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से प्रसन्न होकर सेवानिवृत्त शिक्षक श्री पाराशर ने कहा कि पहली जनसुनवाई उनके लिए वरदान साबित हुई है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी: केवल इस ब्लॉग का सदस्य टिप्पणी भेज सकता है.

हाईकोर्ट और सीनियर आई पी एस ने दर्ज कराई एफ आई आर बीस साल पहले , सरकारी धन के गबन और डकैती , भ्रष्टाचार , हरिजन एक्ट के मुलजिम न तो पकड़े और सरकार, कोर्ट ,कानून सबकी ऑंखों में धूल झोंकती रही मुरैना पुलिस

 मुरैना 15 सितंबर ( ग्वालियर टाइम्स ) लगातार 20 साल तक कोर्ट और कानून की ऑंखों में धूल झोंक कर भारी भरकम रिश्वत और भ्रष्टाचार की विष्ठा खा र...